बिहार आते ही बदला मजदूरों का तेवर ! ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा है कोरोना का खतरा

गाँव मे बढ़ रहा है कोरोना वायरस का खतरा
पूरे हिंदुस्तान में लॉकडाउन 4.0 लागू है। ऐसे में दूसरे राज्यों से भाड़ी संख्या में मजदूर पैदल, ट्रैन और बस से बिहार लौट रहे हैं। बिहार पहुँचते ही मजदूरों का तेवर बदल रहा है। सरकार ने जो गाइड लाइन जारी किया है वह फेल होते नजर आ रहा है। दरअसल जैसे ही ट्रेन बिहार में प्रवेश होता है। उसे स्टेशन पहुँचने से पहले ही अवैध तरीके से रोककर मजदूर अपने गाँव तक पहुंच रहे हैं। उनकी न तो स्क्रीनिंग होता है और न ही उन्हें कोरनटाइन किया जाता है। ऐसे में बिहार के ग्रामीण इलाकों में कोरोना का खतरा मंडराता हुआ साफ नजर आ रहा है।

सरकार ने जो प्रखंड स्तरीय कोरनटाइन सेंटर बनवाया है वह भर चुका है। ग्रामीण इलाकों के कोरनटाइन सेंटर में कुछ खास व्यवस्था नही किया गया है। इसलिए वहाँ कोरनटाइन हुए लोग भागकर अपने गाँव चले जा रहे हैं। और ग्रामीणों के सम्पर्क में आ रहे है। विरोध करने पर तनाव की स्थिति पैदा हो रहा है। इस बारे में ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों से फोन पर शिकायत किया जाता है लेकिन वहाँ से भी कोई संतोषजनक आश्वासन नही दिया जाता है। इस कोरोनाकाल में ग्रामीण इलाके के सभी जनप्रतिनिधि अपने जिम्मेदारीयों से बचते नजर आ रहे हैं। और ग्रामीण इलाकों में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है।

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