अपने ही श्राद्धकर्म में आ गया युवक, देखते ही लोगों के पसीने छूटने लगे...
| श्राद्धकर्म |
जब इसकी सूचना रामसेवक ठाकुर को मिला तो अपने रिश्तेदारों के साथ अज्ञात शव का पहचान करने चले गए। और अज्ञात शव को अपना बेटा बताकर दाहसंस्कार कर दिया। उसी अज्ञात शव के श्राद्धकर्म में जब अचानक से रामसेवक ठाकुर का अपना बेटा संजीव कुमार आ गया तो उसे देखकर गाँव बाले और रिश्तेदारों के पसीने छूटने लगा। अब सवाल यह उठता है कि रामसेवक ठाकुर ने जिस अज्ञात शव का दाहसंस्कार किया था। वह लाश किसका था। और अज्ञात शव को उन्होंने अपना बेटा क्यों बताया। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है।
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